Facebook

🕉️
श्रीमद्भगवद्गीता
📚..ज्ञान, योग और मोक्ष का दिव्य मार्ग..📚

📖 श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग

📝 श्लोक 11 – शीर्षक: कौरवों को एकजुट होने का आदेश

🔸 संस्कृत श्लोक:

अयनेषु च सर्वेषु यथाभागमवस्थिताः |
भीष्ममेवाभिरक्षन्तु भवन्तः सर्व एव हि ॥

🔹 हिंदी में अर्थ:

आप लोग अपनी-अपनी युद्ध की स्थितियों पर डटे रहें और सब ओर से पितामह भीष्म की रक्षा करें।

🪔 भावार्थ (सरल व्याख्या):

दुर्योधन अपनी सेना के सैनिकों और योद्धाओं से कहता है कि वे सभी रणनीतिक स्थानों पर डटे रहें और पितामह भीष्म की रक्षा करें। क्योंकि वह जानता है कि भीष्म ही उसकी सेना का सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। यह आदेश कौरवों को संगठित और एकजुट बनाए रखने के लिए है।

WhatsApp Facebook Instagram