📖 श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग
📝 श्लोक 6 – शीर्षक: द्रौपदी-पुत्र और अभिमन्यु जैसे वीर योद्धाओं का उल्लेख
🔸 संस्कृत श्लोक:
युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान् |
सौभद्रः द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः ॥
🔹 हिंदी में अर्थ:
युधामन्यु, बलशाली उत्तमौजा, सुभद्रा का पुत्र अभिमन्यु और द्रौपदी के पुत्र — ये सभी महारथी हैं।
🪔 भावार्थ (सरल व्याख्या):
दुर्योधन पांडवों की सेना में उपस्थित युवा लेकिन पराक्रमी योद्धाओं का भी उल्लेख करता है। अभिमन्यु (सुभद्रा और अर्जुन का पुत्र) और द्रौपदी के पांचों पुत्र, साथ ही युधामन्यु व उत्तमौजा — ये सभी महारथी हैं जो युद्ध में उत्कृष्ट कौशल वाले हैं। यह बताता है कि पांडव पक्ष केवल वृद्ध या अनुभवी ही नहीं, बल्कि युवा और शक्तिशाली योद्धाओं से भी सुसज्जित है।