📖 श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग
📝 श्लोक 7 – शीर्षक: कौरव पक्ष की सेना का बल – भीष्म द्वारा रक्षित
🔸 संस्कृत श्लोक:
अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम |
नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते ॥
🔹 हिंदी में अर्थ:
हे ब्राह्मणश्रेष्ठ (द्रोणाचार्य)! अब हमारी सेना के उन प्रमुख योद्धाओं को जानिए जिनका मैं आपके लिए नाम ले रहा हूँ — जो इस सेना का नेतृत्व कर रहे हैं।
🪔 भावार्थ (सरल व्याख्या):
दुर्योधन अपनी सेना के प्रमुख नायकों का वर्णन शुरू करता है। वह गुरु द्रोण से कहता है कि वे ध्यान दें कि मेरी सेना में कौन-कौन से वीर योद्धा हैं, ताकि वे उनकी शक्ति को जान सकें। यह युद्ध की रणनीति और आत्मविश्वास को दर्शाता है।